Discussions on the honesty of Sant Joshi ji … People said we don’t want development we want saint …

संत की इच्छा फली..जिला बन गया बागली…

सब हैडिंग…
ख़ूब रहे संत जोशी जी की ईमानदारी के चर्चे…
जनता ने कहा था विकास नहीं संत चाहिए …

कौशल किशोर चतुर्वेदी

मध्य प्रदेश में अब एक और जिला अस्तित्व में आने वाला है।मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राजनीति के संत स्व. कैलाश जोशी जी की इच्छानुसार बागली को जिला बनाने की घोषणा की है।बागली को जिला बनाने की घोषणा कर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हाटपीपल्या संकट को सुलझाने की सफल कोशिश भी की है। इससे पहले विधानसभा चुनाव के पहले मुख्यमंत्री रहते शिवराज सिंह चौहान ने निवाड़ी को जिला बनाने की घोषणा की थी।सर्वे में निवाड़ी विधानसभा सीट हारने की रिपोर्ट मिल रही थी लेकिन जिला बनने की घोषणा के बाद जनता ने जीत की सौग़ात भाजपा उम्मीदवार अनिल जैन को दी थी।हालाँकि मुख्यमंत्री ने निवाड़ी विधायक अनिल जैन को मंत्री बनाने का वादा भी किया था लेकिन वह वादा अभी महज़ वादा ही है।जिसे अब विधायक रहते कैबिनेट मंत्री का दर्जा देकर निगम मंडल में बैठाकर पूरा किया जाएगा यह संभावना मुख्यमंत्री के पुराने वादे को पूरा कर सकेगी।
हालाँकि निवाडी को जिला बनाने से पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को प्रशासनिक अधिकारियों ने बार-बार समझाइश दी थी कि व्यवहारिक दृष्टि से निवाड़ी को जिला बनाना ठीक नहीं है।पर जीत, ज़िद और जुनून के पक्के शिवराज ने यह संभव कर दिखाया। निवाड़ी फ़िलहाल प्रदेश का सबसे छोटा जिला है जिसमें डेढ़ विधानसभा सीट ही आती है।निवाड़ी पूरी विधानसभा और पृथ्वीपुर आधी विधानसभा सीट।पृथ्वीपुर विधानसभा सीट निवाड़ी और टीकमगढ़ ज़िलों की जनता का प्रतिनिधित्व करती है।हालाँकि निवाड़ी जिला बनने के बाद भी पृथ्वीपुर सीट कांग्रेस ने ही जीती थी।पूर्व वाणिज्यिक कर मंत्री बृजेन्द्र सिंह राठौर इस सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं।

ख़ैर फ़िलहाल हम बात कर रहे हैं बागली को जिला बनाने की घोषणा की।मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हाटपीपल्या में कहा कि स्व. कैलाश जोशी जी आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके विचार और उनकी शिक्षाएं आज भी हमें रास्ता दिखा रहे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं की एक पूरी पीढ़ी को प्रशिक्षित किया और यह सिखाया कि राजनीति धन और पद के लिए नहीं, बल्कि जनता की सेवा के लिए करना चाहिए। राजनीति के संत कैलाश जोशी जी की आत्मा अगर शिवराज जी को सुन रही होगी तो निश्चित तौर से उनकी आँखों में आँसू छलक रहे होंगे। और मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार गिरने के बाद जिस तरह पंजे वाली पार्टी के लोग शिवराज और भाजपा पर ख़रीद फ़रोख़्त और सौदेबाज़ी के आरोप लगा रहे हैं उनको लेकर शिवराज से सवाल भी पूछ रही होगी? हालाँकि संत की आत्मा भरोसा भी जता रही होगी कि मेरा शिवराज और मेरी पार्टी के लोग ऐसा काम कभी भी नहीं कर सकते हैं।
सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया और पूर्व विधायक मनोज चौधरी को देखकर उन्होंने ज़रूर एक बार पुत्र दीपक जोशी की तरफ़ देखा होगा कि कहीं हाटपीपल्या सीट को लेकर उसकी आँखों में आँसू तो नहीं है। यह समझाइश भी दी होगी कि बेटा पार्टी के लिए बड़े-बड़े बलिदान देना पड़ते हैं और सरकार बनाने के लिए तो पूरा जीवन ही देना पड़े तो बड़ी बात नहीं।यह भी बताया होगा कि पार्टी की ख़ातिर मैंने मुख्यमंत्री का पद छोड़ दिया था।

आगे मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि स्व. जोशी जी स्थानीय जनता में इतने लोकप्रिय थे कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार के तमाम प्रलोभनों को जनता ने ठुकरा दिया था। विकास के तमाम वादों को ठुकराते हुए जनता ने स्पष्ट रूप से कह दिया था कि हमें विकास नहीं चाहिए, हमें तो संत चाहिए। पर अगर जनता ने अब कह दिया कि मुख्यमंत्री जी मुझे विकास नहीं चाहिए मुझे ‘संत का बेटा’ चाहिए तो शायद पार्टी असमंजस में पड़ जाएगी। यह सवाल अगर शिवराज जी के ज़ेहन में आया होता तो निश्चित तौर से वह मंच पर बार- बार सिंधिया की तरफ़ ज़रूर देखते।और यह कहते भी कि अब आप ही बताओ सिंधिया जी, जनता की बात माननी चाहिए या नहीं।फिर अभी हाल ही में मंत्रिमंडल के गठन और विभागों के बँटवारे का दृश्य उनकी आँखों के सामने आ जाता…और फिर सिंधिया की तरफ़ देखकर कहते कि कोई बात नहीं हम जनता को समझा लेंगे और संत का बेटा भी हमारे साथ जनता को समझाइश दे देगा।हालाँकि जिस तरह मंत्री सुरेश धाकड़ की जगह पर उमा भारती समर्थक प्रहलाद भारती को टिकट देने की चर्चा जोरों पर है उस तरह शिवराज समर्थक दीपक जोशी का नाम भी हाटपीपल्या सीट से उछाला जा सकता है।कुछ नहीं तो दीपक जोशी को थोड़ी राहत तो मिल ही जाएगी।

खैर 2014 लोकसभा चुनाव की बात करें तो वह जोशी जी ही थे जिन्होंने भोपाल सांसद की सीट छोड़ने के लिए अपनी यह बात मनवा ली थी कि सांसद का टिकट आलोक संजर को ही मिलेगा।हालाँकि बागली को जिला बनाने की घोषणा और शिवराज को देखकर जोशी जी यह भी ज़रूर कह रहे होंगे कि अगर बागली हमारे जीते जी जिला बन जाता तो शिवराज शायद दीपक जोशी को हार का मुँह नहीं देखना पड़ता।साथ ही सिंधिया और चौधरी न तो हाटपीपल्या के उस मंच पर होते जहाँ संत की प्रतिमा का अनावरण होता और न ही दीपक को आंखें नम करनी पड़ती।

एक बार फ़्लैशबैक में जाकर मार्च के महीने को याद करें तो प्रदेश में चल रहे सियासी संकट के बीच मध्यप्रदेश की कैबिनेट ने प्रदेश में तीन नये जिलों मैहर, नागदा एवं चाचौड़ा के गठन को मंजूरी दी थी।. मध्यप्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ की अध्यक्षता में तीन नये जिलों के गठन का निर्णय लिया गया था। हालाँकि इन ज़िलों के गठन ने भी कमलनाथ के संकट को नहीं हर पाया था।पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मामले में जिला बनाने की घोषणा को संकट हरने वाला माना जा सकता है।क्योंकि स्थितियां भी अलग हैं और परिस्थितियां भी अलग है।बशर्ते कि हाटपीपल्या की जनता संत स्व.जोशी जी को नमन करते हुए दीपक जोशी के मोह में पड़ कर मन खट्टा न कर ले।और यह मन न बना ले कि संत का बेटा नहीं तो चौधरी भी नहीं…। और संत की ईमानदारी के आड़े चुनाव के एनवक्त पर चौधरी का चेहरा सामने न आ जाए। फिर कोई कुछ नहीं कर पाएगा क्योंकि जनता की नज़र में संत का बेटा भी संत के पदचिन्हों पर चल रहा है, जनता यह बख़ूबी जानती है।

तो बन सकते हैं 61 और जिले –
वैसे अगर विधानसभा सीट जीतने का अस्त्र जिला बनाने को मान लिया जाए तो बागली को छोड़ने के बाद भी 61 जिले और बनाए जा सकते हैं।यानी यदि सरकार बागली को प्रदेश का 54वां ज़िला मान रही है।इसमें दो जिले शामिल किए गए तो इसके बाद दो-दो विधानसभा के 61 ज़िले बनाकर प्रदेश में ज़िलों की संख्या 115 तक की जा सकती है।फिलहाल मध्यप्रदेश में दो-दो विधानसभा वाले सात जिले श्योपुर, निवाड़ी, डिंडोरी,हरदा,आगर मालवा,बुरहानपुर और अलीराजपुर हैं और ऐसा 8वां जिला हम बागली को मान कर चल रहे हैं।
वैसे भविष्य में हर विधानसभा को जिला बनाकर तरक़्क़ी की नई परिभाषा गढ़ी जा सकती है। ऐसे में 230 ज़िलों में हर विभाग का जो अमला बढ़ेगा, उससे रोज़गार में भी बढ़ोतरी होगी। साथ ही अखिल भारतीय सेवाओं के अफ़सर, राज्य सेवाओं के अफ़सर भी उतनी ही संख्या में बढ़ जाएंगे। इससे जहाँ रोज़गार की खेती होगी तो पक्ष विपक्ष जिस तरह आरोप लगाते हैं…ट्रांसफर उद्योग भी ख़ूब फलेगा फूलेगा।

Leave a Comment

Do NOT follow this link or you will be banned from the site!